यादे

मेरी नजर आती हैं

माँ

मुझको तेरी बहुत याद आती हैं

वो तेरी ऊँगली पकड कर के चलना

समुन्दर की लहरों पर  गिरना मचलना

वे तेरा मुझको अपनी बाहों में भरना

माथे पर चुम्बन का टिका वो जड़ना

जब भी हवा अपने संग

समुन्द्र की खुसबू लाती हैं

माँ

मुझको तेरी बहुत याद आती हैं

वो मेरी चोट पर तेरा अंशु बहाना

मेरी बात सुन कर तेरा खिखिलाना

मेरी शरारतो पर झिड़की लगाना

फिर प्यारी सी लोरी गा कर सुनाना

जब भी रातो में हवा

कोई गीत गुनगुनाती हैं

माँ

मुझको तेरी बहुत याद आती है

तुम मुझे उस दिन प्यार करना

जब तुम्हे मुझ पर यकीन हो जाए

मेरी बातो में तुमको सचचाई दिखाने लग जाए

मेरी आखो के अंशु पानी हैं, जब ये भरम टूट जाए

जब तुमको लगे की, तुम बिलकुल अकेली हो,

तुम मुझे उस दिन प्यार करना.

जब तुम्हारे पास जीने की उममीद ना हो,

तुम्हारे अंशु पोझने के लिए कोई तुम्हारे करीब न हो,

जब तुमको लगे की अब अकेले चलना नामुमकिन हैं,

ये जिंदगी का रास्ता अब बहुत कठीन हैं,

तुम मुझे उस दिन प्यार करना,

जब कोई तुम्हारा हुर्द्य तोड़ दे,

बीच राह में तुम्हे छोड़ दे ,

तुम्हारी सांसे उखड़ने लगे,

तुम उस दिन प्यार करना

प्रेमिका ने प्रेमी से कहा

प्रेमिका ने प्रेमी से कहा

एक शर्त पर में तुमसे शादी करुँगी

बोलो

प्रेमिका ने कहा - हमारे दो से ज्यादा बच्चे नही होंगे

फीर क्या करेंगे हम ??

बच्चो के साथ खेला करेंगे

‘तुम इस लड़की को जानते हो ??

हा, कभी मे इसके साथ सोया करता था

अच्छा ! कब? कहा ??

जब मे कॉलेज मे पढता था - इंग्लिश के पीरियड मे !!